रविवार, अक्टूबर 2, 2022
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वीडीओ आंदोलन : जयपुर शहीद स्मारक पर आमरण अनशन की चेतावनी

लिखित समझौता लागू करने की राज्य सरकार से मांग कर रहे ग्राम विकास अधिकारियों ने गुरुवार को पूर्व घोषणानुसार प्रदेशव्यापी वादाखिलाफी आक्रोश आंदोलन नया नहीं न्याय चाहिए के तहत जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन 10 सितम्बर तक चलेगा। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे वीडीओ ने चेतावनी दी है कि यदि इन दस दिनों में भी सरकार नहीं चेती तो जयपुर में शहीद स्मारक पर प्रदेश भर के हजारों वीडीओ आमरण अनशन शुरू करेंगे।

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हनुमानगढ़। लिखित समझौता लागू करने की राज्य सरकार से मांग कर रहे ग्राम विकास अधिकारियों ने गुरुवार को पूर्व घोषणानुसार प्रदेशव्यापी वादाखिलाफी आक्रोश आंदोलन नया नहीं न्याय चाहिए के तहत जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धरना देकर प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन 10 सितम्बर तक चलेगा। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे वीडीओ ने चेतावनी दी है कि यदि इन दस दिनों में भी सरकार नहीं चेती तो जयपुर में शहीद स्मारक पर प्रदेश भर के हजारों वीडीओ आमरण अनशन शुरू करेंगे। धरने पर बैठे वीडीओ ने नया नहीं, न्याय चाहिए के नारे लगाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और समझौता लागू करने की मांग दोहराई।

संघ के प्रदेश संगठन मंत्री रमेश कुमार ने बताया कि राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ पिछले साल में सितम्बर माह से आंदोलनरत है। राज्य सरकार की ओर से प्रशासन गांवों के संग अभियान के चलते एक अक्टूबर 2021 को सीएमओ में ग्राम विकास अधिकारी संघ के साथ लिखित समझौता किया गया था। सरकार ने तीस दिनों में समझौता लागू करने का आश्वासन दिया था।

उसी आश्वासन के कारण ग्राम विकास अधिकारियों ने प्रशासन गांवों के संग अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके परिणामस्वरूप करीब सात लाख पट्टे जारी हुए। तीस दिन बीतने के बाद अक्टूबर 2021 में फिर सरकार को आगाह किया गया। आंदोलन का अल्टीमेटम देने पर ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ने संघ के साथ लिखित समझौता किया। लिखित समझौते को 45 दिन में लागू करने का आश्वासन दिया गया। लेकिन 45 दिन बीतने के बाद समझौता लागू नहीं किया गया। आज नौ माह बाद भी ढाक के वही तीन पात वाली स्थिति है।

इस पर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ ने 4 अगस्त से आंदोलन शुरू किया। सरकार को बार-बार स्मरण पत्र भिजवाए गए। उसके बावजूद भी सरकार हठधर्मिता अपनाए हुए है और लिखित समझौता लागू करने में आनाकानी कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी कुछ नया नहीं मांग रहे बल्कि न्याय मांग रहे हैं। जो लिखित समझौता हुआ था सरकार उसे लागू कर दे, यही मांग है। उन्होंने बताया कि आंदोलन की कड़ी में राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की ओर 1 सितम्बर से 10 सितम्बर तक जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अगर सरकार ने समझौता लागू नहीं किया तो राजस्थान के करीब 11 हजार ग्राम विकास अधिकारी जयपुर के शहीद स्मारक पर आमरण अनशन शुरू करेंगे।

संघ जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा ने बताया कि वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे 3600 करने, एसीपी के स्थान पर चयनित वेतनमान स्वीकृत करने, अंतर जिला स्थानांतरण के लिए एक बारीय शिथिलन प्रदान करने, सहायक विकास अधिकारी के 671 पद सृजित करने, डीआरडीए कार्मिकों को नियमित करने, 2 वर्षांे से लंबित पदोन्नतियां करने, ग्राम विकास अधिकारी पद का चार्ज अन्य संवर्ग को देने के आदेश प्रत्याहारित करने, ग्राम पंचायतों के कार्य संचालन में विभाग की ओर से उत्पन्न की जा रही विभिन्न जटिलताएं दूर करने आदि की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इस मौके पर प्रेम कुमार, बृजलाल चौहान, डूंगरसिंह मीणा, रामेश्वर बेनीवाल, भंवरलाल सोलंकी, तारादत्त शर्मा, कृष्ण कुमार, राजेश कुमार, महेश कुमार, कैलाश चन्द्र, रामकिशन, केवल कृष्ण, विमला कुमारी, नन्दकिशोर वर्मा, देवराज, काशीराम बागड़ी सहित कई ग्राम विकास अधिकारी मौजूद थे।

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